टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का शुभारंभ, मुख्यमंत्री धामी ने पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी
49 श्रद्धालुओं का पहला दल रवाना, मुख्यमंत्री बोले- कैलाश यात्रा आस्था के साथ सीमांत क्षेत्रों के विकास का भी माध्यम
चम्पावत, 06 जुलाई। उत्तराखंड से संचालित कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का रविवार को टनकपुर से विधिवत शुभारंभ हो गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं की सुखद, सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की।
इस दौरान पूरे टनकपुर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजते रहे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ स्वागत किया गया, जबकि पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर सम्मानित किया तथा उनसे आत्मीय संवाद भी किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही इस पवित्र यात्रा का अवसर मिलता है और श्रद्धा व धैर्य के साथ हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास और समृद्धि का भी माध्यम बन रही है।
इससे स्थानीय पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प और व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने यात्रियों से स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की खरीदारी कर सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
यात्रा के पहले दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं।
श्रद्धालु आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से आए हैं।
दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा यात्री हैं।
इससे पहले शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे श्रद्धालुओं का छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। उनके सम्मान में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी हुआ, जिसमें उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।
यात्रियों ने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, आवास और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे अनिल कुमार जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष टनकपुर मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालित की जा रही है।
इससे चम्पावत जिले को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय व्यापार, पर्यटन, परिवहन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल रहा है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी, ग्रेफ के अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
