एनडीएसए सदस्य प्रमोद नारायण ने किया लखवाड़ और व्यासी परियोजनाओं का निरीक्षण, समयबद्ध निर्माण व बांध सुरक्षा पर दिया जोर
अमीषा भट्ट
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के सदस्य प्रमोद नारायण ने किया लखवाड़ और व्यासी परियोजनाओं का निरीक्षणनिर्माण कार्यों की प्रगति, बांध सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों की समीक्षा; लखवाड़ परियोजना को समयसीमा में पूरा करने के दिए निर्देशदेहरादून 06 अगस्त : भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) के सदस्य (नीति एवं अनुसंधान) प्रमोद नारायण ने बुधवार को यूजेवीएन लिमिटेड की यमुना नदी पर निर्माणाधीन 300 मेगावाट लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना तथा परिचालनाधीन 120 मेगावाट व्यासी जलविद्युत परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, बांध सुरक्षा व्यवस्थाओं और परियोजनाओं के सुरक्षित संचालन का जायजा लेते हुए गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निरीक्षण के दौरान प्रमोद नारायण ने परियोजना की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली।
उन्होंने परियोजना की कार्यदायी संस्था एलएंडटी (L&T) के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर गंभीरता से कार्य किया जाए तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।उन्होंने कहा कि लखवाड़ परियोजना उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों की ऊर्जा एवं जल संसाधन आवश्यकताओं की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
ऐसे में परियोजना के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता मापदंडों के अनुरूप ही किए जाएं।प्रमोद नारायण ने निर्माण स्थल पर कार्यरत अधिकारियों, अभियंताओं, कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर सभी सुरक्षा मानकों, आवश्यक उपकरणों और वैधानिक प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।इसके बाद उन्होंने व्यासी जलविद्युत परियोजना के जुड्डो स्थित बांध का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बांध की संरचनात्मक व्यवस्थाओं, जल निकासी एवं नियंत्रण प्रणाली, आपातकालीन चेतावनी तंत्र, बांध सुरक्षा उपकरणों और अनुरक्षण कार्यों का अवलोकन किया।

उन्होंने बांध के सुरक्षित संचालन और प्रभावी अनुरक्षण के लिए आवश्यक सुझाव और दिशा-निर्देश भी दिए।उन्होंने कहा कि बांधों की दीर्घकालिक सुरक्षा और विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, समयबद्ध अनुरक्षण तथा आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों का प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल परियोजनाओं की कार्यक्षमता बनी रहती है बल्कि संभावित जोखिमों को भी कम किया जा सकता है।निरीक्षण के दौरान यूजेवीएन लिमिटेड के अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति, सुरक्षा उपायों और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
वहीं, लखवाड़ परियोजना क्षेत्र में प्रमोद नारायण ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।इस अवसर पर यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक (परिचालन) जी.एस. बुदियाल, अधिशासी निदेशक राजीव अग्रवाल, महाप्रबंधक संजय जोशी एवं सुजीत कुमार सिंह, उपमहाप्रबंधक हेमंत श्रीवास्तव एवं संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और परियोजना से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
