उत्तराखंडी सिनेमा को नई पहचान: फिल्म निर्माताओं को मिलेगा ‘उफतारा सम्मान’
देहरादून, 10 जून। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, बोली-भाषा और क्षेत्रीय सिनेमा को आगे बढ़ाने वाले फिल्म निर्माताओं को अब विशेष पहचान मिलने जा रही है। उत्तराखंड फिल्म एवं टेलीविजन एसोसिएशन, यानी उफतारा, पहली बार प्रदेश के फिल्म निर्माताओं को ‘उफतारा सम्मान’ से सम्मानित करेगा।
यह सम्मान समारोह 27 और 28 जून को देहरादून में आयोजित होने वाले दो दिवसीय उफतारा सम्मान एवं फिल्म फेस्टिवल के दौरान होगा। आयोजन में उत्तराखंडी फिल्मों से जुड़े निर्माताओं, कलाकारों, टीवी और फिल्म जगत की वरिष्ठ हस्तियों सहित करीब 100 विशिष्ट लोगों को सम्मानित किए जाने की योजना है।
उफतारा अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी ने बताया कि इस फिल्म फेस्टिवल में उत्तराखंडी सिनेमा की लगभग 40 वर्षों की यात्रा को दर्शाने वाली एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी। इसके माध्यम से दर्शकों को राज्य के फिल्म इतिहास, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक बदलावों की झलक देखने को मिलेगी।

कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां, लोक कलाकारों और लोक गायकों के कार्यक्रम भी शामिल रहेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय फिल्म उद्योग के योगदान को व्यापक पहचान देना है।
उफतारा महासचिव कान्ता प्रसाद ने कहा कि राज्य में फिल्म नीति और फिल्म विकास परिषद के गठन को लेकर संगठन ने लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि फिल्म उद्योग को रोजगार के बड़े माध्यम के रूप में गंभीरता से लिया जाए।
उफतारा अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी ने भी राज्य सरकार से उत्तराखंड में फिल्म उद्योग को मजबूत बनाने के लिए ठोस पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिल्म शूटिंग स्टूडियो की स्थापना, फिल्मकारों से नियमित संवाद और नीति स्तर पर सहयोग बेहद जरूरी है।
मुख्य कार्यक्रम संयोजक जस पंवार ‘जस्सी’ ने कहा कि उफतारा प्रदेश के कलाकारों और फिल्मकारों की आवाज बनकर काम कर रहा है। संगठन सरकार और फिल्म जगत के बीच बेहतर तालमेल बनाकर उत्तराखंडी सिनेमा को नई दिशा देने के लिए प्रयासरत है।
