प्रीतम सिंह ने एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
अमीषा भट्ट
एसआईआर प्रक्रिया में खामियों को लेकर कांग्रेस का निर्वाचन आयोग पर सवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापनदेहरादून, 01 अगस्त: उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और खामियों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि एसआईआर के प्रथम चरण के दौरान कई गंभीर त्रुटियां और विसंगतियां सामने आई हैं। उनका आरोप है कि इन शिकायतों और कमियों का समुचित परीक्षण एवं निराकरण किए बिना द्वितीय चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस ने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि कई स्थानों पर एक ही समय में दो अलग-अलग मतदान केंद्रों पर एक ही एईआरओ या ईआरओ की ड्यूटी लगाई गई है। पार्टी का कहना है कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में यह व्यवस्था पूरी तरह अव्यावहारिक है, क्योंकि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित परिवहन सुविधाओं के चलते किसी अधिकारी का निर्धारित समय पर दोनों स्थानों पर पहुंचना संभव नहीं है। इससे सुनवाई प्रक्रिया प्रभावित होने और मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी उठाने की आशंका है।
ज्ञापन में एसआईआर प्रक्रिया के तहत की गई मतदाता मैपिंग पर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने चकराता विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां विसंगतियों के आंकड़े तार्किक नहीं हैं और कई मामलों में अपमैप मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से अधिक दर्शाई गई है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि पर्वतीय क्षेत्रों के स्थायी और स्थानीय निवासियों के नामों पर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जबकि इन गांवों में बाहरी व्यक्तियों के मतदाता के रूप में शामिल होने की संभावना बेहद कम है।
कांग्रेस का कहना है कि निराधार आपत्तियों के कारण ग्रामीण मतदाताओं को बार-बार सुनवाई में शामिल होना पड़ रहा है, जिससे समय, धन और श्रम की अनावश्यक हानि हो रही है।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से प्रथम चरण की शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा, प्रत्येक मतदान केंद्र पर अलग अधिकारी की नियुक्ति, पर्वतीय क्षेत्रों के अनुरूप सुनवाई कार्यक्रम तय करने तथा प्रक्रिया में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण देने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि निर्वाचन आयोग इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा।
