चारधाम यात्रा के बीच पौड़ी में आयुक्त के न बैठने पर उठे सवाल
चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, यात्रा मार्गों पर जाम और कई स्थानों पर व्यवस्थाओं के दबाव के बीच अब गढ़वाल आयुक्त के पौड़ी मंडल मुख्यालय में नियमित रूप से न बैठने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
हाल ही में गढ़वाल आयुक्त की जिम्मेदारी संभालने वाले आनंद स्वरूप ने कार्यभार ग्रहण करने के दौरान पौड़ी में बैठकर मंडल की व्यवस्थाओं की निगरानी करने की बात कही थी। हालांकि, कार्यभार ग्रहण करने के बाद उनके देहरादून से ही कामकाज देखने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने आईएएस विनय शंकर पांडे के स्थान पर आनंद स्वरूप को गढ़वाल आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने 25 मई 2026 को पौड़ी मंडल मुख्यालय में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद से अधिकांश प्रशासनिक कामकाज देहरादून से संचालित किए जाने की बात सामने आ रही है।
इस समय चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे स्थानों पर भारी भीड़ के कारण लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगह यातायात जाम और मौसम की चुनौती भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की परीक्षा ले रही है। ऐसे में मंडल स्तर पर प्रभावी निगरानी और त्वरित निर्णयों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
यात्रा से जुड़े कई मामलों में वरिष्ठ अधिकारी देहरादून से ही व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब चारधाम यात्रा का बड़ा हिस्सा गढ़वाल मंडल में संचालित होता है, तो मंडल मुख्यालय पौड़ी से प्रशासनिक सक्रियता और निगरानी को और मजबूत किया जाना चाहिए।
वहीं, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप का कहना है कि यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुविधा और जाम की समस्या के समाधान को लेकर जल्द ही मंडलीय स्तर के अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर समस्या सामने आएगी, वहां समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी, ताकि यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाया जा सके।
