टिहरी पुलिस का ‘मिशन मुस्कान’ बना लोगों के चेहरों की खुशी, 147 गुमशुदा मोबाइल लौटाए

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₹25 लाख से अधिक कीमत के मोबाइल बरामद, पर्यटकों को भी कोरियर से भेजे जा रहे फोन

नई टिहरी, 04 जुलाई। मोबाइल फोन सिर्फ एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि उससे जुड़ी यादें, जरूरी दस्तावेज, पारिवारिक तस्वीरें और अपनों से जुड़े रिश्तों का भी अहम हिस्सा होता है। ऐसे में टिहरी पुलिस ने अपने ‘मिशन मुस्कान’ के तहत 147 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाकर लोगों के चेहरों पर फिर से मुस्कान ला दी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के नेतृत्व में वर्ष 2026 के दौरान टिहरी पुलिस ने आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का उपयोग करते हुए करीब ₹25 लाख से अधिक मूल्य के 147 मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर पंजीकृत 46 मोबाइल विभिन्न राज्यों से ट्रेस कर बरामद किए गए, जबकि 101 अन्य मोबाइल स्थानीय नागरिकों और टिहरी घूमने आए पर्यटकों के थे।

मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने टिहरी पुलिस का आभार जताया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें अपने फोन वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, लेकिन पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता ने उनका भरोसा और मजबूत किया।

टिहरी पुलिस की मानवीय पहल भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जिन पर्यटकों के मोबाइल जनपद में भ्रमण के दौरान गुम हुए थे और वे अपने गृह राज्यों को लौट चुके हैं, उनसे संपर्क कर उनके बरामद मोबाइल सुरक्षित रूप से कोरियर के माध्यम से उनके घर भेजे जा रहे हैं।

इस अवसर पर एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन का विश्वास जीतना भी है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का मोबाइल केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि उसकी महत्वपूर्ण जानकारियों और भावनात्मक यादों का हिस्सा होता है। पुलिस आधुनिक तकनीक और संवेदनशील कार्यशैली के माध्यम से हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

एसएसपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल गुम या चोरी हो जाए तो तत्काल नजदीकी थाने में सूचना दें और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक जरूर कराएं। समय पर की गई कार्रवाई मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के साथ-साथ उसके बरामद होने की संभावना भी बढ़ा देती है।

टिहरी पुलिस का यह अभियान आधुनिक तकनीक, संवेदनशील पुलिसिंग और जनसेवा का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसने एक बार फिर पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है।

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