दून पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर वाहन चोर गिरोह
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी के आठ दोपहिया वाहन और दो एक्टिवा के पार्ट्स बरामद;
मास्टर-की से चुराते थे वाहन, फिर काटकर बेच देते थे कबाड़ियों को
देहरादून 04 जुलाई : लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत दून पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन सदस्यीय शातिर वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के आठ दोपहिया वाहन तथा दो एक्टिवा के कटे हुए पार्ट्स बरामद किए हैं।
आरोपियों द्वारा सुनसान स्थानों पर खड़े वाहनों की रेकी कर मास्टर-की और लॉक तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था। चोरी के वाहनों को बाद में उनके मैकेनिक साथी के माध्यम से काटकर कबाड़ियों को बेच दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से दोपहिया वाहन चोरी होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित पुलिस टीमों ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पूर्व में वाहन चोरी में शामिल अपराधियों का भी सत्यापन किया गया।
लगातार की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 जुलाई को चेकिंग के समय मुखबिर की सूचना पर मोहन क्षेत्री उर्फ मांचा, वीरपाल उर्फ भेड़ और अरसल को नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की दो मोटरसाइकिल, छह एक्टिवा स्कूटी तथा दो एक्टिवा के इंजन और अन्य कटे हुए पार्ट्स बरामद किए।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मोहन क्षेत्री दिहाड़ी मजदूरी करता है, जबकि वीरपाल सिटी बस में कंडक्टर है। दोनों नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए वाहन चोरी करते थे। दोनों शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर सुनसान स्थानों पर खड़े दोपहिया वाहनों को पहले मास्टर-की से खोलने की कोशिश करते थे। यदि वाहन नहीं खुलता था तो उसका लॉक तोड़कर चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वाहन अपने साथी अरसल को बेच दिए जाते थे, जो मैकेनिक का काम करता है। अरसल वाहनों के पार्ट्स निकालकर उन्हें कबाड़ियों को बेच देता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहन क्षेत्री उर्फ मांचा निवासी हरिपुर नवादा, वीरपाल उर्फ भेड़ निवासी मिनी मसूरी नवादा तथा अरसल निवासी भगत सिंह कॉलोनी, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहन क्षेत्री के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ चोरी के दोपहिया वाहन, दो एक्टिवा के इंजन व अन्य पार्ट्स बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 2,500 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
