चारधाम और कांवड़ यात्रा से पहले सड़कों की मरम्मत में तेजी, डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर दिन-रात चल रहा निर्माण कार्य
सीवरेज कार्य से खोदी गई सड़कों को तेजी से किया जा रहा दुरुस्त, एक दिन में 317 मीटर सड़क पुनर्निर्माण कार्य पूरा
न्यूज वायरस नेटवर्क
हरिद्वार, 26 जून : चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए हरिद्वार शहर में सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के बाद निर्माण एजेंसियों ने दिन-रात काम करते हुए सड़क मरम्मत में तेजी ला दी है, ताकि स्थानीय लोगों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में संचालित चारधाम यात्रा तथा आगामी कांवड़ मेले को ध्यान में रखते हुए सीवरेज निर्माण के लिए खोदी गई सभी सड़कों की मरम्मत हर हाल में समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और आम जनता की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई, गंगा उत्तराखंड पेयजल निगम द्वारा केएफडब्ल्यू वित्त पोषित हरिद्वार जलोत्सारण योजना के अंतर्गत सड़क पुनर्निर्माण कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं। परियोजना प्रबंधक मीनाक्षी मित्तल ने बताया कि पैकेज-01 एवं पैकेज-02 के तहत निर्माण कार्य लगातार जारी है और प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 25 जून को पैकेज-02 के अंतर्गत गणपति धाम फेस-3 में 30 मीटर, राज विहार फेस-1 की सीसी रोड पर 65 मीटर, पावर ब्लॉक पर 30 मीटर, महेंद्र विहार में 86 मीटर, रतन वाटिका में 46 मीटर, आदर्श नगर में 31 मीटर तथा करम विहार में 35 मीटर सड़क पुनर्निर्माण कार्य पूरा किया गया। इस प्रकार एक ही दिन में कुल 317 मीटर सड़क का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
परियोजना प्रबंधक ने बताया कि सभी निर्माण कार्य दिन-रात लगातार किए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द सभी प्रभावित सड़कों को सुचारु रूप से यातायात के लिए खोल दिया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है और समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि सड़क पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और चारधाम व कांवड़ यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। जिला प्रशासन लगातार निर्माण कार्यों की निगरानी कर रहा है और आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
