डीएम नितिन भदौरिया के निर्देश पर बाजपुर में बड़ी कार्रवाई, बिना मान्यता संचालित 4 मदरसे सील
अमीषा भट्ट
बाजपुर में बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता चल रहे चार मदरसे सील
दस्तावेज नहीं दिखा सके संचालक, प्रशासन का निरीक्षण अभियान तेज; नई मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा मामला
ऊधमसिंह नगर 03 सितम्बर :- उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में लागू नई व्यवस्था के बीच प्रशासन ने बिना आवश्यक मान्यता और दस्तावेजों के संचालित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर परगना क्षेत्र में प्रशासन ने चार मदरसों को सील कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण के दौरान संबंधित मदरसा संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह और कोतवाली निरीक्षक नरेश चौहान के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ कार्रवाई की गई। टीम ने क्षेत्र में संचालित मदरसों का निरीक्षण किया और मान्यता एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।

इन चार मदरसों पर हुई कार्रवाई
प्रशासन द्वारा सील किए गए संस्थानों में—
मदरसा जामिया हनफिया रजाउत उलूम, बाजपुर
मदरसा गुलशने इस्लाम, कनोरा
मदरसा जामिया फातिमा, बाजपुर
मदरसा मोइनुल उलूम, मोहल्ला गांधीनगर, केलाखेड़ा-बाजपुर
शामिल हैं।
एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्र में संचालित मदरसों का निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों के पास निर्धारित मान्यता अथवा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में अन्य मदरसों की जांच-पड़ताल भी जारी है।

नई व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा मामला
इधर, राज्य में लागू नई मदरसा शिक्षा व्यवस्था और मान्यता संबंधी प्रावधानों को लेकर कुछ मदरसा संचालकों ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में नई व्यवस्था के तहत मान्यता संबंधी प्रावधानों पर सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और शिक्षा बोर्ड से मान्यता की अनिवार्यता के चलते कई मदरसों के संचालन में कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।
डीएम नितिन भदौरिया बोले—मान्यता के मानकों का पालन जरूरी
ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने कहा कि शासन के निर्देशों के तहत जिले में मदरसों का निरीक्षण अभियान जारी है। जिन संस्थानों ने निर्धारित प्राधिकरण से मान्यता नहीं ली है अथवा आवश्यक नियमों और मानकों का पालन नहीं किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित शैक्षणिक संस्थानों को सुनिश्चित करना है और निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सरकार का जोर आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखते हुए आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और आधुनिक पाठ्यक्रम को सुनिश्चित करना चाहती है। नई व्यवस्था के तहत मदरसों को भी निर्धारित शैक्षणिक मानकों और नियमों का पालन करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हाईकोर्ट में चल रहे मामले में राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा।
सीएम धामी की दो टूक—नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट कर चुके हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था को प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा, जो बच्चों को आधुनिक और मुख्यधारा की शिक्षा से दूर रखे।
सरकार के अनुसार, उत्तराखंड में सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की नई व्यवस्था लागू की गई है।
नई व्यवस्था में बच्चों को उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों से जोड़े रखने के साथ-साथ विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और अन्य आधुनिक विषयों की शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का कहना है कि उत्तराखंड में संचालित सभी शिक्षण संस्थानों को निर्धारित नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। नियमों के अनुरूप संचालित संस्थानों को व्यवस्था के तहत कार्य करने का अवसर मिलेगा, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बाजपुर में चार मदरसों को सील किए जाने की कार्रवाई के बाद अब प्रशासन का निरीक्षण अभियान अन्य संस्थानों तक भी पहुंच सकता है। ऐसे में मदरसा शिक्षा की नई व्यवस्था, मान्यता के नियम और हाईकोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया आने वाले दिनों में उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाली है।
